Showing posts with label नोवेल. Show all posts
Showing posts with label नोवेल. Show all posts

Monday, February 1, 2010

समय न मिले तब भी आना

आजकल क्या लिख रहे हो?
इस सवाल के जवाब में 'एक उपन्यास पर काम चल रहा है' कई वर्षों से मेरे लिए लिखने से बचने का एक खूबसूरत बहाना बना हुआ था। मित्रों ने घेराबंदी करके वह बहाना खत्म करवा दिया। लंबे समय से 'शीघ्र प्रकाश्य' बना रहा उपन्यास उत्तर वनवास अंतत: प्रकाशित हो गया है।
पुस्तक मेले में इसी शनिवार को उसका लोकार्पण है।









लोकार्पण करेंगे
हिंदी साहित्य के दो शिखर-व्यक्तित्व
नामवर सिंह और राजेंद्र यादव।


स्थान : आधार प्रकाशन का स्टाल
स्टाल नंबर- 81
हॉल नंबर- 12 ए
पुस्तक मेला प्रांगण, प्रगति मैदान, नई दिल्ली।

समय : 6 फरवरी, 2010, शाम 04 : 00 बजे


समय मिले तो जरूर आइएगा। और समय न मिले तो भी।
आपको कवि केदार नाथ सिंह की इन काव्य पंक्तियों का वास्ता :
आना
जब
समय मिले
जब
समय न मिले
तब
भी आना।