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Monday, January 7, 2008

अ आ यानी...

अ आ यानी वर्णमाला सीखने की शुरुआत !

अ आ यानी भी !

अ आ यानी नसुनी वाज

अ आ यानी पना समान !

अ आ यानी भिव्यक्ति- नंद !

अ आ यानी भय - क्रोश !

अ आ यानी न्तिम दमी !

और अंततः

अ आ यानी रुण दित्य भी समझ सकते हैं !



तो शुरुआत हो चुकी है। और इस शुरुआत का श्रेय है कवि-कथाकार-फिल्मकार उदय प्रकाश को। ब्लाग पर आने को लेकर मन में कुछ उधेड़बुन थी, लेकिन उदय जी से चर्चा के बाद लगा कि अभिव्यक्ति के इस नए माध्यम की ताकत का इस्तेमाल अपनी बात लोगों तक पहुंचाने के लिए करना चाहिए। इस तरह यह अ आ अब आपके सामने है।

जल्दी ही नई पोस्ट के साथ मिलेंगे।