Saturday, December 12, 2009

लिख ही डाला अंतिम वाक्य अंतिम बार

लिखो, काटो...फिर लिखो, फिर काटो। इसका क्या कोई अंत है। अंतत: यही सोचकर उपन्यास उत्तर वनवास का अंतिम वाक्य अंतिम बार लिख कर खुद को मुक्त किया। फाइनल स्क्रिप्ट आधार प्रकाशन के संचालक श्री देश निर्मोही जी के पाले में पहुंच गई है। देश जी का कहना है कि जनवरी तक छाप कर ठिकाने लगा देंगे।
उपन्यास का आवरण चित्र सुपरिचित चित्रकार और कहानीकार प्रभु जोशी का है।
उपन्यास का एक अंश साहित्यिक पत्रिका पाखी के दिसंबर अंक में प्रकाशित हुआ है, जिस पर काफी उत्साहवर्धक प्रतिक्रियाएं मिल रही हैं।
एक और अंश साहित्यिक पत्रिका गुंजन के आगामी अंक में आने वाला है।
सब कुछ सामान्य रहा तो बहुत जल्द किताब आपके हाथ में होगी और मेरा सिर कढ़ाई में...

21 comments:

शायदा said...

बधाई।

AlbelaKhatri.com said...

abhinandan.........

shubh kaamnaayen !

vijay gaur/विजय गौड़ said...

badhai sweekaren. ab intjar rahega padhne ka bas.

परमजीत बाली said...

बधाई।

pankaj mukati said...

intzaar hai...

अजेय said...

वाह्ह्ह अ आ
इतने दिन बाद
फक़त एक खबर? कविता दो कविता !

अजेय said...

bahar haal upanyaas ke lie badhaaee.

Udan Tashtari said...

इन्तजार रहेगा...शुभकामनाएँ.

sandeep sharma said...

बधाई हो सर,
एक प्रति हमारी एडवांस में बुक कर दें...

गौतम राजरिशी said...

आप विश्वास करेंगे? अभी थोड़ी देर पहले ही पाखी पे आपका ये उपन्यास अंश पढ़ा और सोचा कि अभी आपको आपके ब्लौग पर जाकर बताता हूँ। देखा तो आपने इसी की चर्चा छेड़ रखी है।

खूब सारी शुभकामनायें उपन्यास के लिये!

Ek ziddi dhun said...

ek kaam jaroor karna pls ki proof dhang se dikhva lena. aajkal is baare men prakashakon ka bura haalhai. Desh abhi-abhi eX Sarkaari hue hain.

Pallav said...

बहुत दिनों से इस उपन्यास का इंतज़ार था सर, अब उम्मीद है की जनवरी में इसकी ताजा प्रति पढने का मौका मिलेगा...इस बार की पाखी नहीं खरीद पाया, लेकिन अब जरूर खरीदूंगा...|
बधाई!

Geet Chaturvedi said...

अरे वाह! बधाई हो बधाई!

varsha said...

ARSE BAAD AAPKO BLOG PAR DEKH ACHCHA LAGA...BADHAYEE, SHUBHKAMNAEN AUR INTZAAR

varsha said...

aur haan sheershak achcha hai likh hi dala antim vakya antim baar...

Ashish said...

बहुत अच्छी खबर सुनाई। शुभकामनाएँ।

प्रदीप कांत said...

बधाई।

सिद्धार्थ said...

वाह! बधाई हो सर आपको...अब तो इंतजार है.

सागर said...

Congratulation... now celebration !!!!

Arun Aditya said...

धन्यवाद मित्रो! आपकी टिप्पणियों से उत्साह बढ़ा है। आगे भी इसी तरह प्रेम बनाए रखेंगे।

Ratan said...

'Uttar Vanwas' ke liye badhai.Prabhu Joshi dwara srijit mukhyaprishtha bahut bhaya.... Ratan Chand 'Ratnesh', Chandigarh